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जितना है नहीं पास उतना जताते हैं लोग बनकर भोले-भाले सबको नचाते हैं लोग समंदर से भी गहरा हो प्यार तुम्हारा फिर भी इस जहां में तुमको ही ब read more >>
कभी किए थे पुण्ये बड़े, तो कभी पाप के भागीदारों। कभी किसी के सपनों को, केवल दान धर्म बचाता है। बहुत पसंद है तुम्हें कर्ण, उसका दान धर्म read more >>
प्यार की किरण जगमगा रही है, जिसके साए में सारा जग झिलमिला रहा है। बढ़ती हुई स्वार्थ भावना पर, प्यार की किरण ही रोक लगाएगी। भटके हुए त� read more >>
जिसका जितना हो आँचल यहां पर, सौगात भी उसको उतनी ही मिले। जीवन में फूल खिलाने का प्रयास करें, कभी_कभी कांटे भी फूल बन जाते हैं। जीवन एक read more >>
...हमेशा एक प्रश्न- की तरह जिंदा रहता हूं,, ... ख़ुद से- ख़फ़ा हूं मैं जानता हूं, अब कभी उत्तर नहीं मिलेगा,, ...दिल में- रखता हूं.. आपको, तुम्ह read more >>
चंचल सी ,उपवन सी,पगली दिवानी मेरे ख्वावों की रानी कहां हो तुम तेरे मन की गंगा में गोता लगाऊ तेरे दिल की आंगन में खेलाऊ कहां तु मिलेगी � read more >>
सत्य चला विजय की ओर, लगा ले चाहे जितना भी जोर! मंदिर मस्जिद चर्च एवं गुरुद्वारा, सब मिलकर देगा साथ तुम्हारा! चाहे उठे लाख बवंडर और तूफ read more >>
जिंदगी को जिया मैंने अपनी तरह! न जाने क्यों? लोगों की नजर में हम खटकत्तै रहे! कुछ राह में मिले हैं! अजनबी की तरह कुछ पास आ गए हैं ! अपनों � read more >>
आंधी चली बड़ी जोर से टूट गया एक पत्ता संग हवा के उड़ चला वह प्यारा सा पत्ता लगा सोचने कहां गिरूंगा माटी के टीलों पर या बालू के ढेरों प read more >>
सरहदे ,बंदिश बनी है। आज,तब - जब निभानी थी। मुझे, एक रस्म , संसार की, जो जोड़ देगी ,किसी दिल से मुझे अभी ,कुछ है । जिन्दा बची, ,ख्वाईशे मे� read more >>
तुम कौन! जिसके रहस्य में डूबा जग सारा। सृष्टि के कण कण में जो विद्यमान कहता है जग सारा। अटल है जिसकी बातें, चुन रहा जो फूलों में हास , प read more >>
समापन प्रारंभ लायेगा जो जायेगा, वो आयेगा। खुशी का क्षण हो , या दुख की व्यथा, संयम साथ आयेगा। आगे पीछे का , कोई स्वर न होगा। दिशा भ्रम न � read more >>
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