वो जिसे देखकर, एक नया एहसास हुआ।
बाहों में आया तो, दिल बाग बाग हुआ।।
आते ही जिसके एक पल, दुनिया ठहर गई।
कठोर आदमी में वात्सल्य की, नहर बह � read more >>
कुछ भी नहीं हाथ में फिर भी,
तुम क्यों अकड़ कर बैठे हो |
मिलें हैं चंद लम्हें यहां पर तुमको,
फिर भी क्यों अपनो से ऐठें हो |
भरोसा नहीं कि क read more >>
जय_ जय _ जय ओ मां मेरी ,
मैं प्रथम वंदना करूं तेरी ।
* किशोर * नाम अमर कर दे ,
उसकी वाणी वेदों में भर दे ।
मैं निसदिन पूजा करूं तेरी ,
जय _जय _जय � read more >>