ज़िंदगी और मौत के बीच
सांसों की एक लकीर है,
जन्म से यह लकीर बनती है
और मौत पर आ मिटती है,
सब कुछ इसके दो छोरों के बीच का खेल है,
कभी बचपन, क� read more >>
सफलता पाना कोई तकदीरों की बात नहीं
जो तुम सोचोगे ,उसी को तो सिंचोगे .
उसी को तो सिंचोगे . उसी को तो तुम अपने पास खींचोगे ,
बिखरा हुआ है इ� read more >>
अच्छरों में ( द )अच्छर महान,
कोई अच्छर नहीं इसके समान।
दो से ही मेल _फीमेल बना उपजी दुनियां सारी,
चेहरे में दो कान, दो नसाछिद्र, दो होंठ, द� read more >>