तेरा मेरा इश्क़ सच्चा था यह दुनिया ने माना था ,
कभी तू मेरी दीवानी थी , मैं तेरा दीवाना था ।।
क्या खता हुई मेरी जो मिली सजा मुझको ,
कभी तू � read more >>
बुलंद ,शहर के दरवाजे पर एक चस्मदीद खड़ा होता है,।
कितनी खोखली है,।यह मिनारें,।
यहाँ नहीं पहुंचती ,इक हवा ,।जो आयी हो गरीबी के भेष में,।
म� read more >>