एक गुमनाम सी सड़क पर खो गया था जो वो शख्स ,
आज भी वही गुम है, बैठा है! इस उम्मीद में के,
कोई तो रुकेगा उसकी खातिर, जो उसे उस पार ले जायेगा
इ� read more >>
ऐ देश मेरे तुझे नमन
दूजा न देश कोई तुझ सा महान,
बहती गोद में जिसके हर पल गंगा यमुना की धार।
कण-कण में यहां भगवान् बसा है,
धरती ने इसकी वे� read more >>
क़दर करो उनकी, जिनको उपेक्षित कहते हैं।
बनकर के ख़ामोश जनाज़ा, सब कुछ सहते रहते हैं।
वे सब की जानें, उनकी जाने न कोई।
जो उनकी जान ले, वो � read more >>