//... कैसे हो भैया ...//
क्या पुराना और
क्या नया है भैया...?
वैसे , ऐसे और
कैसे हो भैया...?
वही देते ,
वही बटोरतें...!
वही चोर हैं और
वही लुटेरे...!
क� read more >>
न जीवन- शिकवा, न रोता धोता।
काश, मैं पक्षी होता।
पर फैलाता, अनंत नील गगन में।
परवान चढ़, आसमां नापता खुली पवन में।
लहराता, इठलाता, हवा मे� read more >>