सुबह जल्दी जगाने, सात बजे को आठ कहती है।
नहा लो, नहा लो, के घर में नारे बुलंद करती है।
मेरी खराब तबियत का दोष बुरी नज़र पर मढ़ती है।
छोटी छो� read more >>
रख के सीने पे ज़मी और आसमाँ ले जायेंगे,
ठीक है, लेकिन बतायें तो कहाँ ले जायेंगे?
आप के जाने से हमको है फ़क़त इतना गिला,
साथ अपने आप मेरा भ� read more >>
दिल की बस्ती मे ले के आयें हैं,
चाँद मुठ्ठी मे ले के आयें हैं,
झूठ तुम को लगे तो तुम जानो,
हम तो सच्ची मे ले के आयें हैं,
कोई दुल्हन हो जैसे read more >>