Join Us:
दिशा-लाइव ग्रुप ने लॉन्च किया नया ब्रांड BizPry - लोकल से ग्लोबल तक 20 मई स्पेशल -इंटरनेट पर कविता कहानी और लेख लिखकर पैसे कमाएं - आपके लिए सबसे बढ़िया मौका साहित्य लाइव की वेबसाइट हुई और अधिक बेहतरीन और एडवांस साहित्य लाइव पर किसी भी तकनीकी सहयोग या अन्य समस्याओं के लिए सम्पर्क करें
वतन में लोकतंत्र का राज है ; छिपा कई राज़ हैंं , आ पड़ा चुनाव - खड़ा अंचल के मीर ; है पहलवान वीर , उम्मीदवार एक से एक बड़ा ; यह पहलवान अपना ठप्पा read more >>
"वन-वाटिका" हरे भरे उपवनो में पंछी सुर में गाते है प्यारे प्यारे फूल खिले है जंगल में मोहन गैया चराते है। जब बांसुरी बजा� read more >>
एक अन्ह सोचा रहा, बैठ अंधेर कमरे में। सूर्य की किरणों से तेज चमक रहा एक प्रभा जिसकी न थी कोई कल्पना न थी जिसकी कोई रचना बस माँ की कहानि� read more >>
मत करो नारी पर जुल्म, स्वतंत्रता नारी का अधिकार । शायद ये सब भूल गए, है नारी से संसार। इक रूप में नारी है माता, इक रूप में नारी धनदाता। इ� read more >>
सांस की उलझी डोर है, मन भी हारा हुआ है; होगा यही परिणाम अगर तो फिर अपना शान क्या हो? हे ईश्वर! दे वो शक्ति-की ये जग वरदान सा हो। अपने-अपनो � read more >>
तुम डटे रहना उन राहों पर। कुछ गाते हैं, कुछ सुनाते हैं। कुछ बातों से ही दिल बहलाते हैं। कुछ हम जैसों की तरह ही फिर घुल-मिल जाते हैं। कु read more >>
//... सुप्रभात ...// बादल गरजे बिजली चमके झर-झर गिरे पानी मौसम बिगड़े कीचड़ माते आग तापे नानी...! चिन्ता नेताम " मन " डोंगरगांव (छत्ती� read more >>
अग्नि में तपकर सोने की पहिचान होती है। नन्ही सी जान देश की शान होती है। यही ज्योति सबके घर के उजाला होते हैं। नन्ही सी गुड़िया दिल की � read more >>
समाज में हो रही भ्रूण हत्या व बेटियों के प्रति हीन भावनाएं, चंद्र शब्द अपने समाज के प्रति बेटे को दिया जन्म तूने, बेटी से मुखड़ा मोड़ ल read more >>
10जनवरी आज है, आज अतिप्रिय विश्व हिन्दी दिवस है। सभी को हार्दिक शुभकामनाएं, सभी को हिन्दी दिवस की ढेरों प्यार। मातृ भाषा है हिन्दी, का� read more >>
ये आँख-आँख नही है, गहरा दरिया है, नज़र बदले नही हैं, बस बदला नज़रिया है। दुनिया के हर रहम में कुछ ख़ास छिपा है। कहने को सब सही हैं, नही तो सभी � read more >>
भाव दबाए, इच्छा समाए, ज्ञान विस्तर का राही हूं। ज्ञान की गठरी सिर धरे, अज्ञान की पाटता खाई हूं। ढोर को मैं और बनाता, परिंदों को बाज़। गर� read more >>
Join Us: