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1.सबको जागरूक कराना है, ऊर्जा का महत्व बताना है l 2. ऊर्जा बचत है अचूक उपाय, मानव जीवन में है ये सहाय l 3. ऊर्जा प्रकृति का है वरदान, सभी करों read more >>
क्यूँ ख़ुद से तू अंजान है, इच्छाओं में जकड़ा परेशान है। क्यूँ चल रहा इन रास्तों पे, यहां न सुख समान है। यहां न मन की मंज़िल, न अंतःकरण का गाँ read more >>
दिल आज फिर कुछ गुनगुनाने चला है पुराने जख्म अब भुलाने चला है कुछ नए सुर फिर से सजाने चला है बहुत मिन्नते की है दिल से तब आज जाकर कुछ read more >>
//... प्रियतम ...// चाहत भरी मुस्कान , होठों पर सजाकर , वफा की महक , सांसो में बसा कर , बस जाए , मेरी भावनाओं में , कोई प्रियतम तन्हा है यहां , मे read more >>
चलो हम अपनी भारतीय संस्कृति में फिर लौट आते है,डैड को बाबूजी बनाते है,दादू को बाबा बनाते है, फ्रेंड को दोस्त बनाते है, फिर दोस्तो के साथ read more >>
नव वर्ष आ रहा है, धूम मचा रहा है। इस नव वर्ष चलो नए रंगों में रंगते हैं, परिंदों के संग उड़ते हैं। नव वर्ष आ रहा है, मुस्कान लुटा रहा है� read more >>
स्तब्ध हूं निशब्द नहीं गहनता का हूं परिचय खोज ले जो मुझ में मैं को कीर्तिमान का हो उदय!! मैं भी मैं हूं तुम भी मैं हूं मैं का है इतना स read more >>
दिल के दर्द बताता है कौन है अपना और पराए कौन कौन याद करें वह पुराने दर्द जख्म भी हरे हैं इस दिल को समझाए कौन अब कुछ सुकून मिला है उस read more >>
ये जो नौजवा मयखाने से चलते मचलते आते है वो भारत की संस्कृति को नहीं अपने मा बाप की संस्कार को दर्शाते है ,ये जो नौजवा सिगरेट पीकर धुआं उ� read more >>
हमने जीवन की पहिया को चढते उतरते देखा है,नन्हे दीपक की प्रकाश को हमने अंधकार हरते देखा है,कामयाबियों की दौर में इंसान को इंसान से जलते � read more >>
पल-पल में बदलता है मौसम थल-थल पे बदलता है मौसम कहीं चले तेज हवाएं, कहीं बारिश की फुहार। मौसम बदलता है रंग, हर रोज दिखाता एक नया ढंग। हव read more >>
बूढ़ी औरत - बेला की मार बुरी ; औरत कितनी बूढ़ी , करती दिवा में मजदूरी - गिट्टी बिछाती रेल पट्टी में - कर्म - भू बुटीबोरी ; कौन छीना रोटी - भात , read more >>
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