आज चलती हैं साँसे, उन्ही के लिए !
मिट गये जो हस्तें हुए, सरजमी के लिए!!
सर हिमालय का जिन्होंने ना झुकने दिया!
आज सौ सौ नमन है, उन्हें के लि� read more >>
//...इश्क...//
सूरत अलग,
सीरत अलग
कौन जाने
है उसकी ,
नीयत अलग...!
दिखने में ,
हसीन लगे
ये इश्क
पर होती ,
है इसकी ,
तबीयत अलग...!
चिन्ता ने� read more >>
आजकल गरीबों का सम्मान बढ़ गया,
जो कभी नीच थे, उनकी जूती , सर चढ़ गया,
ये क्या हुआ जमाने को ?
क्यों बदलाव आया है?
लगता है , फिर से चुनाव आया है read more >>