रंगों की अपनी है एक अलग पहचान, करता नहीं कोई इन का अपमान,
हर बात किस्सों में आती है इनकी याद,
कभी-कभी तो यह बन जाते हैं हर किसी के भी विवा� read more >>
मन के सच्चे, मनमौजी, अलमस्त बेगाना। नीचे सोते, बिस्तर से उठते, मां का जबरन नहलाना।
मिठाई मन की मुराद, खाने की न देर।
खिलौना पूंजी आगे, कह� read more >>
हे चाँद चाँदनी फैला गगन भर में ,
तू निकल कहीं ना पर निकल उनके आँगन घर में |
दीप्त कर दे बो चेहरा तेरे ही जैसा है ,
है तुझसे भी खूबसूरत ते� read more >>
काश ,कोई इस सुने दिल में
फिर से दीप जला जाए,
इस रंग बिरंगी दुनिया से ।
कुछ रंग मुझे भी दे जाए,
कुछ सपने थे ,जो टूट गए,
कुछ अपने थे ,जो रूठ ग� read more >>