Title :- कोई नहीं तुम जैसा है
जीवन मंच है अभिनय का ,
तो किरदार कहां तुम जैसा है
जीवन रण है गौरव का
तो वीर कहां तुम जैसा है
जीवन दमखम है दंगल क read more >>
बोझ !!
लेकर दिल मे, दिमाग मे,चिंताओं का बोझ!
जी रहा ईसान यहाँ, मर मर कर हर रोज !!
नहीं है यहाँ इलाज इस बोझ का !
साथ रहेगा यह, काम है इसका रोज का read more >>
//...प्रेम-निवेदन...//
दिल में लगी है ,
आग मेरे
तुम सावन ,
बन जाओ ना...!
तन प्यासा है ,
है मन प्यासा
तुम प्रेम सुधा ,
बरसाओ ना...!
मंजिल से ,
मैं दू read more >>
ले जा बाबू ले जा, ले जा चाचा ताऊ।
यह दुनिया बाज़ार, यहां हर चीज़ बिकाऊ।
यदि जुलूस निकलता है, तो भीड़ बिकती है।
जनाज़े में, रोने वालों की � read more >>
श्री राम, लखन,सीता मैया संग ,
जब अपने घर आए ।
वह शुभ बेला,
खुशियां लायी,
जन जन ने दीप जलाए ।
जन जन ने दीप जलाए ।
दीपों से , श्रृष्टि हुई जा� read more >>
मैं गंगा हुँ ,
आदि युग से ही मुझे पवित्र माना जाता था |
अदि युग से ही मुझे अमृत के सामान माना जाता
था |
अदि युग से मनुष्य अपने पापो को धोने read more >>
नफरत की फसल तुझको !
अब और न बोने देंगे !!
इन हसीं वादियों को !
वीरां न होने देंगे !!
तेरे नापाक मंसूबो को !
साकार न होने देंगे !!
तेरी कठपुत� read more >>