इस जिंदगी में बहुत से सफ़र है...
कुछ सफ़र में हंसा देता है...
कुछ सफर में रुला देता है...
कभी किसी से अजनबी तो
कभी किसी को अपना बना देता है.. read more >>
एक मूरख नारी को कब,ना जाने किसने। लपेटा था।
ज्ञात हुआ तब लोगों को, जब जना नारी ने बेटा था।
कहने को वह मूरख थी, पर पुत्र प्रेम की क्षमता थी read more >>
आज चलती हैं साँसे, उन्ही के लिए !
मिट गये जो हस्तें हुए, सरजमी के लिए!!
सर हिमालय का जिन्होंने ना झुकने दिया!
आज सौ सौ नमन है, उन्हें के लि� read more >>
//...इश्क...//
सूरत अलग,
सीरत अलग
कौन जाने
है उसकी ,
नीयत अलग...!
दिखने में ,
हसीन लगे
ये इश्क
पर होती ,
है इसकी ,
तबीयत अलग...!
चिन्ता ने� read more >>