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आ मिलकर दामन से दामन बांध लें, फूल बनके राहों में छा जाएं। अगर हम जिद्द पर आ जाएं, पांव रुकने ना देंगें। जान पर भी खेलकर, हम प्यार झुकन� read more >>
बच्चे होते हैं सबसे प्यारे लाल दुलारे सबसे नयारे करते बातें प्यारी प्यारी करते हैं इनसे सब प्यार तभी तो हैं ये महान सुबह शाम रोते ह read more >>
घर की रौनक होते हैं बच्चें, आंगन की शोभा होते हैं बच्चें, सबका मन मोह लेते हैं बच्चें, सबको खुश रखते हैं बच्चें, सबके होंठों पर मुस्कान read more >>
मुझको बनना है एक खिलाड़ी जीतू जंग बारी बारी सब खिलाड़ी की तरह महान बनूँगी देश का ऊँचा नाम करुनंगी पढना लिखना अच्छा है खेल भी उसका ह� read more >>
नियति का न कोंई तोड़ ! नियति जब खोले पोल !! हवस की गठरी भर नहीं पाए ! कर्म की लेखी मिट नहीं पाए !! कर्म के जैसे बीज लगाए ! फूट के वो ही बाहर आए read more >>
//...कोरोना उपरांत...// बीत रहे अब , दुख और भय से , अवसाद भरे दिन, टूट रही है कड़ी , दूसरी लहर की...! धीरे-धीरे ही सही, फिर से रौनक लौट रही है मे� read more >>
अच्छे अच्छे को ख्वाब दिखा देती है , धन-दौलत भी क्या है | पता नही भगवान ने ऐसा क्या बनाया है , आज धन-दौलत की दुनिया है , अच्छे – अच्छे को चक� read more >>
आखिर कब तक ? गुलामी की जंजीरों में जकड़ी औरत आजादी का देखा न सपना उसके जुल्मों का खात्मा होगा आखिर कब तक ? जन्म लिया तो उसकी कर द read more >>
लफ्ज़ चुभते हैं,जुबान काटती है क्या कहें,किससे कहें,और क्यों कहें ये हुकूमत भी अमीरों के तलवे चाटती है जनजाति का एक तगमा देकर बड़ी चा� read more >>
अविश्वास ही अविश्वास हैं इस दोहरी समाज में इंसान ही इंसान को हर जगह गिरा रहा ग़ुम गई इन्सानियत इंसान के करतूत से संदेह में प्रारब्� read more >>
मुझे मोहब्बत सी हो गई तेरी आदत सी हो गई मोहब्बत होती ही हैं प्रतिकूल फिर भी अनुभूतियुक्त हैं तेरी याद सताने लगी है सारि रात जगाने read more >>
तू मो को काहे ढूंढे सइयां मैं तो तेरी बन बैठी हूँ शहर शहर और गांव गांव मो को काहा खोज रहा मैं तो तुझ में ही अंदर हूँ क्यों नगर नगर में � read more >>
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