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साँस न टूटने देना
दीप थोड़ा तु जल थोड़ा मै भी जलता हु बस इतना रहम करना न तु बुझना न बुझने देना राह बहुत है कठिन भरा जीवन के पगडंडी में बस एक करम करना मुझ �
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तु
दिल से दिल की दुआ कुबूल हो जाये तु भी मेरे जैसा अपने इश्क से दूर हो जाये प्यार को तु भी तरसे तडपे पहर दो पहर बस इतनी सी बात खुदा को मंजु�
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खामोश
खामोश तु खामोश जुवा तेरी खामोश आंखे खामोश लब्ज तेरी खामोश जुल्फ खामोश नैन तेरी खामोश मन खामोश तन तेरी खामोश ही खामोश, खामोश यौवन त
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एहसास
सपने के तरह तू अब टूटने लगी है अपनों के तरह तू अब रूठने लगी है रात में अब तू भी आती है ख्वाबो में अब तू भी मेरा बिस्तर पे रहने लगी है म�
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सफर
कोई तो नाम दो इस चुप्पी को अंतिम सफर है मेरा इस मजलिस में कोई तो पैगाम दो इस दीवाने को सायद अब न मिले इस तरह अंजुमन में ये आखरी पड़ाव ह�
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मन भरता नहीं
बातों से मन भरता नहीं पास तुम आते नहीं क्या करू मैं तुमही बताओ कोई तो तरीका होगा जिससे मैं तुम्हे पा सकू नींद आती नही भूख भी लगता नह
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आईना
आईना सच बोलती है कभी इसको आज़मा के देखना इसके अंदर अपने झक के देखना लेकिन बिदकना मत अपने आँखों में आँखें डाल के देखना आईना सच ही बोल�
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भ्रमण
चलो कही दूर चले चाँद तारों के सैर करे चलो चले वहां जहां कोई गम न हो न हो दुनिया का डर न कोई ताकने बाला न झाकने बाला न हो कोई झरोखा वस
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सियाशी गलियारों में
तमाशा ही तमाशा है जिधर देखो उधर नेता गण मसगुल है मशहूर होने के लिए समय यहाँ मजबूर खेल देखने के लिए अंधेर नगरी चौपट राजा ऐ सच कहा थ�
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कठिन मार्ग
डर मत मज़धार से तू, तैर के उसे पार कर जीत होगा हौसले कि खुद को बुलंद कर तुम ही तस्कार हो और चमत्कार भी मत मांग उधर रोसनी रात कि अंधकार से �
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रुपया
रुपया रुपया बना पैसा और पैसा बना तमाशा कैसा कैसा खेल दिखाए पैसा पैसा पैसा पल में राजा पल में रंक पैसा पैसा पैसा अपने पवार का रोव जम
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ख़ामोशी
ऐ शहर अजनबी सा क्यों है हर तरफ धुआँ धुआँ सा क्यों है लोग यहाँ जुदा जुदा क्यों है हर तरफ भूख मरी सा क्यों है लोग यहाँ परेशान सा क्यों ह�
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