क्यों होती है ऐसी सहेलियां,
जो मिलती नहीं है, पर मन से बिछड़ती भी नहीं ये सहेलियां,
बात करती नहीं ,पर हर बात में याद आती है सहेलियां,
सब अ read more >>
ना किसी के आने की
उम्मीद है मुझे....!
और ना किसी के जाने का
गम रखता हूं....!
मैं..ख़ुद..मैं..ख़ुद का
मुसाफ़िर..हूं....!
तभी नजदीकियां
कम रखता हू read more >>
हाये बेचारी अबला नारी,
दहेज प्रथा की कैसी ये बीमारी,
ना मान मिला ना सम्मान मिला,
रोती आ रही है नारी,
आंखों में भरकर नीर,
सब सहती आ रही है � read more >>
कल का पता न पल का पता, बांधता मन-मन की।
जवानी के झाग झांवर गए, रेनी मैली भवन की।
ठान खोदता, आन अज़माता, सुध न रही कंचन तन की।
तेरा, मेरा मिट read more >>
ना लौट कर आए वो
बचपन के दिन,
कितने खुश रहते थे हम,
वे बचपन की सहेली,
कैसे बनी रहती थी हमजोली,
बे बचपन के खेल बड़े होते थे
मजे जोर,
वो टॉफी ,� read more >>
सही को सही बताने में !
क्यों इतना हिचकिचाते हो !!
गर उड़ान भरी विश्व गुरू की !
क्यों पर कतरना चाहते हो !!
धारा 370 हटाकर !
नहीं हुआ महापाप !!
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//...गुजारिश...//
भले मुझसे ,
मेरी जिंदगी की ,
सारी खुशियां छीन लो
जमाने भर का
सारा दर्द तुम ,
मुझे दे दो...!
मगर ,
तुमसे मेरी ,
एक गुजारिश है
ऐ read more >>