मन का सुकून कहीं बाहर नहीं मिलता ,
अपने अंदर खोजो वो मिल जायेगा I
मन का सुकून कहीं बाहर नहीं मिलता ,
कर्म बदलो आपको वो मिल जायेगा I
मन का स� read more >>
//...हाल-ए-दिल...//
समाज की ,
कुछ बंदिशे
इश्क पर ,
छाती गर्दीशे...!
ना तुम मेरी ,
ना मैं तेरा
हम एक-दूसरे
के भी होके...!
तेरे पास से ,
गुजर कर भी ,
� read more >>
शीर्षक - हौसला अभी बाक़ी है
गिर कर भी उठने का हौसला अभी बाकी है,
हार कर भी जीतने का हौसला अभी बाकी है ,
मार्ग भटक कर भी गंतव्य तक पहुँचने क read more >>
एक दिन अकेला बैठा था में ना कोई नाम था मेरा न थी कोई पहचान l
सोच रहा था क्या करूंगा क्या बनूँगा अपने मकसद से था बिलकुल अनजान ll
नदी के परव� read more >>