दुनिया में, मरण समझदार का।
समझदार समझ से, समझ समझके समझ जाता है।
अरे, वह तो नकटा है,वह नकटाई से ही सुलझ जाता है।
अरे, तू तो समझदार है, वह स� read more >>
हकीकत... कहानी... कल्पना...हो
ये सर्द रात,
या महफिल तारों की....!
ये रात की कहानी है,
या पूनम की चांद की....!
इसे कुदरत की कहानी कहूं,
या कहानी क read more >>
मुसाफिर के चलने से रास्ते बदल जायेगे ।
आज गिरे है तो कल फिर उठ जायेगे ॥
हार के सब कुछ ' हम फिर से मुस्कायेंगे ।
मगर तुमने जो छोड़ा तो फिर � read more >>