दिल के झरोखे में एक ख्वाब सजा रखा था,
खिल उठे चेहरे पे एक नूर सजा रखा था,
समानों के झुरमुट में रंक को राजा बना रखा था,
मनचाही मुरादों में � read more >>
* सुप्रभात *
समय से पल कुछ ,
इस तरह से पिघला...!
रात गुजर सी गई ,
धीरे से दिन निकला...!
पर इस चीज को यहां ,
कोई नहीं पाए बतला...!
सवाल बहुत ही , read more >>
वो भी क्या ही दिन था, जब हम मिले थे... 😍मेरा जन्मदिन था उस दिन, जब हम मिले थे.🤗
दिन का समय दिया था आपने तब जब हम मिले थे... 😃
हो गई थी शाम टूटने read more >>
दोष क्या लगाऊँ आपको, गलती तो मेरी थी...
सपने मैंने सजाये और वो टूटे ,ये तो रब की मर्जी थी...
आँख से आसु गिरते रहे और रात निकल गई फिर भी, याद त� read more >>