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जिनके पास नही होते है उनसे पूछो क्या होते है पापा इस korona में जाने कितने बच्चो से दूर हुए है उनके पापा रुठ जाने पर मनाना आसान था, रूठ जान� read more >>
प्यार तो हम करते हैं , प्यार तो हम करते पता नहीं सामने वाले पे क्या असर होगा । यह पहचानना मुश्किल हो जाता हैं , सामने वाले हमसे प्यार करे read more >>
बोलना चाहिए पिता, पर बेटा बोलता है। पिता-पुत्र के रिश्ते को, बिन भाव तोलता है। बोलनी चाहिए मां, पर बेटी बोलती है। मां के कर्मों की, छुई-अ read more >>
क्यों होती है ऐसी सहेलियां, जो मिलती नहीं है, पर मन से बिछड़ती भी नहीं ये सहेलियां, बात करती नहीं ,पर हर बात में याद आती है सहेलियां, सब अ read more >>
कभी धूप तो कभी छांव बनकर, आपने साथ दिया हमेशा मेरा भगवान बनकर लोग पूछते है तूने किसे अपना गुरु बनाया है मैंने कहा आज तक सब मां ने ही तो स read more >>
तेरा मन , बेशुमार दे देना जिस तरह चाहे प्यार दे देना मैं ग़ज़ल को बनाऊँगा दुल्हन बस मुझे ग़म उधार दे देना।। कामना को निराश करता हूँ म� read more >>
//... प्रेम समीक्षा... // पूर्ण हुआ है जब से मेरा , जीवन का पहला चरण बीत गया है बचपन , आ गया है यौवन...! प्रस्फुटित हुई प्रेम की , एक अन� read more >>
ना किसी के आने की उम्मीद है मुझे....! और ना किसी के जाने का गम रखता हूं....! मैं..ख़ुद..मैं..ख़ुद का मुसाफ़िर..हूं....! तभी नजदीकियां कम रखता हू read more >>
गुरअ जी वाणी खे संस्कार पहेंजो बणाइजे जे, पहेंजे वड्न जी मर्यादा खे कडे् न भुलाएंजे, मांउ- पीअ जे दड्कन खे कडे् न दिल सा लगाऐ्ं जे, हि� read more >>
हाये बेचारी अबला नारी, दहेज प्रथा की कैसी ये बीमारी, ना मान मिला ना सम्मान मिला, रोती आ रही है नारी, आंखों में भरकर नीर, सब सहती आ रही है � read more >>
कल का पता न पल का पता, बांधता मन-मन की। जवानी के झाग झांवर गए, रेनी मैली भवन की। ठान खोदता, आन अज़माता, सुध न रही कंचन तन की। तेरा, मेरा मिट read more >>
ना लौट कर आए वो बचपन के दिन, कितने खुश रहते थे हम, वे बचपन की सहेली, कैसे बनी रहती थी हमजोली, बे बचपन के खेल बड़े होते थे मजे जोर, वो टॉफी ,� read more >>
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