काठ की नाव तू बढ़ता चल,
दो चार पथिक ले अपने संग,
जिसका न अपना मंजिल पथ,
फैला सागर का गहरा जल
बने रुकावट लहरें हर पल |
काठ की नाव तू बढ़ता च read more >>
काठ की नाव तू बढ़ता चल,
दो चार पथिक ले अपने संग,
जिसका न अपना मंजिल पथ,
फैला सागर का गहरा जल
बने रुकावट लहरें हर पल |
काठ की नाव तू बढ़ता च read more >>
जीवन जीने का यदि हो उमंग,
दु:ख भी भर देता जीवन में रंग,
है काम कौन कर सके न नर
आलस्य त्याग चल पड़े डगर,
सांसें भर कर हिम्मत कस कर,
पथ पर चल क read more >>
महंगाई का अजगर
रसोई को खा रहा है !
रसोई की थाली से स्वाद
रफ़्ता - रफ़्ता गायब हुआ जा रहा है !
महंगाई का अजगर
रसोई को खा रहा है !
पहले कोरो� read more >>
कांटों में पला बढ़ा जीवन
संग पत्ते बीच हरे-भरे,
कली से खिल कर फूल बना,
एक चुभ जाता
जो छूता मुझे,
एक रंग भरा
संग मेरे रंगों के,
वे सरल कठो� read more >>
सवच्छ व सुंदर भारत के इरादा को गिरने नहीं दूंगा।
जो गंदगी फैलाए ,उसे दंड का आश्वासन नहीं दुगा ।
देश के जनता से ,मोदी जी ने बात ये कही ।
घ� read more >>
एक गावों मैं एक गरीब लड़का रहता था उस के माँ बाप काम करके उसे पढ़ाते थे वो लड़का मन लगाकर अपनी पढाई पूरी कर रहा था फिर अचानक लॉक डाउन हो ग read more >>
# सुप्रभात
मनुष्य जितना अपना ,
जीवन जीता है
उस का उसको
अवश्य ही ,
अनुभव होता है....!
क्यों ना इतना ,
कर लेता बस ,
प्रेम नाम का ,
सुमिरन कर � read more >>