संदीप कुमार सिंह 03 Jul 2026 ग़ज़ल प्यार-महोब्बत मेरी यह ग़ज़ल काफी romantic है अवश्य पढ़िए आप सभी को काफी सकून मिलेगा. 1027 0 Hindi :: हिंदी
आशिक बेमिसाल तुम्हारे चेहरे पर के मुस्कान का कौन शानी है, मेरी गज़ल से तो अच्छी तेरी जवानी है। तेरे हस्न के सागर में कितने आशिक डूब गए, कोई पता लगा न सके इसमें कितना पानी है। कितने लूट गए कितनों की जान चली गई, मगर तुझे क्या ऐ हसीना तेरी यही कहानी है। ऐ बेवफा तूँ हसीना कम कातिल ज्यादा है, आज मैं फ़कीर बना हुआ हूँ यह तेरी निशानी है। आँखों में सपने वदन पर गजब की ताजगी है, तूँ औरों सी नहीं ऐ बुलबुल एक दीवानी है। वादा मुझ से करती चाहती किसी और को हो, ये कोई चालाकी नहीं है जानू तेरी नादानी है। तेरे नाज़-नखरा को पूरा करने के चक्कर में, लाखों का कर्जा मेरे उपर है सब तेरी मेहरबानी है। फिर भी हुस्न के दीवाने तेरी गलियों में आयेंगे ही, बहके लोगों के अरमान की तूँ ही शाम सुहानी है। शायर संदीप की नजरों में हुस्न की बालायें रहती है, क्योंकी हर रंग से रंगीन तेरी ही ज़िन्दगानी है। (स्वरचित मौलिक) संदीप कुमार सिंह*Author*
I am a writer and social worker.Poems are most likeble for me....