ललित दास निर्मोही 19 Aug 2026 ग़ज़ल दुःखद #धोखा #बेवफा #Dhokha #bewafa #बेवफाई #जख्म #jakhm #shayari #best gajal #best_gajal 1599 0 Hindi :: हिंदी
तुमने ज़ख़्म दिए हैं जितने, सहकर भी बस प्यार किया, तुमने झूठे वादे तोड़े, हमने तो ऐतबार किया। छोड़ गए तुम बीच सफर में, रोते हुए इस पागल को, सूनी आँखों से हमने तो, उम्र भर इंतज़ार किया। हंस कर तुमने मार दिया है, जीते-जी इस आशिक को, मरते-मरते भी होंठों ने, तेरा ही इज़हार किया। तूने धोखा दिया हमेशा, पर कोई शिकायत नहीं हमें, तेरी खुशी की खातिर हमने, अपनी हार को स्वीकार किया।