Jyoti yadav 17 Nov 2024 ग़ज़ल अन्य आज दिन है राखी का 25397 0 Hindi :: हिंदी
रखी हूं पास मै, तेरी मेरी तस्वीर कोई पुरानी सी,।। तु समझदार कोई, मै पागल करती नादानी सी,।।। मुझे किसी चीज की जिद है, दे दोगे तुम मुझे उम्मीद हैं,। यु मुंह बनाए मै बैठी हूं, फिर भी पास मे राखी रखी हूं,।।।। तु सब जानता है, फिर भी कारण पुछ रहा उदासी का,। तुम हाथ बढाते हुए बोल रहे हो मालुम है मुझे,आज दिन है राखी का,।।। विनय यादव ज्योति यादव के कलम से कोटिसा विक्रमपुर सैदपुर गाजीपुर उत्तरप्रदेश