संदीप कुमार सिंह 12 Jul 2023 ग़ज़ल प्यार-महोब्बत मेरी यह गज़ल समाज हित में है। जिसे पढ़कर पाठक गण काफी रोमांचित होंगें। 23889 0 Hindi :: हिंदी
(गज़ल) इश्क में इतवार बहुत जरूरी है, जीवन में इश्क बहुत जरूरी है। यौवन में श्रृंगार चार चांद लगाती है, इश्क में प्यार भरा तकरार जान डालती है। यूं खपा होकर भी लोग एक_दूजे पर मरते हैं, क्योंकि दिल में वे गुलाबी ख्याल रखते हैं। इश्क में लोग एक_दूजे में डूब जाते हैं, एक_दूसरे में फना हो जाते हैं। इश्क में एक अनमोल संबंध कायम होता है, जैसे फूल और उसके खुशबू का साथ। इश्क ऐसा हो की एक_दूसरे के बिन जीया न जा सके, एक के अभाव में दूसरे का अस्तित्व ही ना हो। तकरार होने से इश्क खत्म होने का डर रहता है, फिर उदासी का आलम छा जाता है। इश्क में प्राण और धड़कन वाली बन्धन होना चाहिए, एक के बिन दूजा बेजान हो जाते हैं। संदीप कुमार सिंह✍🏼 जिला:_समस्तीपुर(देवड़ा)बिहार
I am a writer and social worker.Poems are most likeble for me....