संदीप कुमार सिंह 10 Aug 2026 ग़ज़ल प्यार-महोब्बत मेरी यह ग़ज़ल प्यार की शक्ति से पाठक गण को आगाह करा रही है. 3664 0 Hindi :: हिंदी
गज़ल प्यार से पेश आया करो, दिल सदा ही लगाया करो। प्रेम की जोत को साथ रख, दीप को तुम जलाया करो। खास बन अब जहां में जरा, मौज को पर भगाया करो। मांग लो सब खुशी नाथ से, राह सच की बताया करो। ईश का ध्यान सब नित करो, प्रीत प्रभु से निभाया करो। बाग बन कर रहो हो खुशी, गंध को ही लुटाया करो। गम सदा यार सब पी चलो, हाँ खुशी को दिखाया करो। चार दिन प्राण के हैं यहां, सो सभी को हसाया करो। सच कहो नाम संदीप है, सत्य का गुण सुनाया करो। (स्वरचित मौलिक) संदीप कुमार सिंह*Author*
I am a writer and social worker.Poems are most likeble for me....