कुमार किशन कीर्ति 25 May 2023 ग़ज़ल प्यार-महोब्बत 16908 0 Hindi :: हिंदी
1 तेरी वेबफाई को भुला नहीं पाएंगे, दिल में लगी ज़ख्म पर मरहम ना लगाएंगे। 2प्यार किया है तुमसे ताउम्र इसे निभाएंगे, तन्हाई में जी लेंगे,पर महफ़िल में ना जाएंगे। 3कौन कहता है आशिक़ी में रुसवाई नहीं होती,सच पूछो तो वेबफाई से बढ़कर कोई सजा नहीं होती। 4अब तो ताउम्र तुम्हें याद करेंगे, तुम्हें चाहेंगे,पर पुकारा नहीं करेंगे।