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नाउम्मीद से उम्मीद

नागमणि कुमार सिंह 27 Aug 2026 कहानियाँ समाजिक नाउम्मीद से उम्मीद 926 0 Hindi :: हिंदी

शीर्षक- नाउम्मीद से उम्मीद 

			अभय बहुत दिनों से जिला मुख्यालय में  रहकर प्रतियोगिता  परीक्षा की तैयारी कर रहा था I उसने प्रतियोगिता  परीक्षा देना भी शुरू कर दिया था I लेकिन वह अभी प्रारंभिक परीक्षा में पास होता तो मुख्य परीक्षा में अटक जाता और यदि मुख्य परीक्षा में पास होता तो टंकण या साक्षात्कार में असफल हो जाता I अभी हाल ही में वह आयुध निर्माणि  राजगीर की अवर श्रेणी लिपिक पद की प्रारंभिक परीक्षा में पास हुआ था I वह अपने पास साथियों के साथ मुख्य परीक्षा देने राजगीर गया था I मुख्य परीक्षा खत्म होने के बाद अभय ने अपने साथियों  के साथ परीक्षा में आए प्रश्नों  की चर्चा कर रहा था I जो सामान्य तौर पर सभी प्रतियोगी  छात्र किया करते हैं I कौन-कौन से प्रश्न आया था? कौन सा प्रश्न कठिन था? कौन सा प्रश्न आसान था ? गणित का प्रश्न का सिर्फ उत्तर लिखना था या पूरा विवरण भी देना था I 

			सभी छात्र अपना अपना मत रख रहे थे I चर्चा के बाद अभय को लगा की मेरा परीक्षा उम्मीद के मुताबिक नहीं गया है और इसमे सफल होने की उम्मीद बहुत कम है I परीक्षा केंद्र पर यह बताया गया था कि पाँच दिन के बाद परिणाम प्रकाशित कर दिया जाएगा और पास छात्र की सूचना  डाक द्वारा भेज दी जाएगी I जिस छात्र को परिणाम जल्दी जानना होगा वह इस कार्यालय  के टेलीफोन  नंबर पर कॉल करके जानकारी प्राप्त कर सकता हैं I अभय ने भी वह टेलीफ़ोन नंबर लिख लिया था I 	

			रास्ते में अभय ने अपने गहरे दोस्त  रमेश को अपना रोल  नंबर दे दिया था और कहा था की मेरा तो परीक्षा उतना अच्छा नहीं गया है, तुम्हारा तो परीक्षा बहुत अच्छा गया है I पाँच दिनों के बाद जब तुम टेलीफोन कर अपना परिणाम मालूम करना तो मेरा भी परिणाम के बारे में पूछ लेना I परिणाम जो भी हो हमे बता देना I रमेश ने सिर हिलाकर अपनी सहमति दे दी और दोनों वापस अपना जिला मुख्यालय आ गए I 

			अभय यह भूल गया था कि आयुध निर्माणि  राजगीर का मुख्य परीक्षा का परिणाम आने वाला है क्योंकि  उसको पास होने की उम्मीद बहुत कम था I  पाँच दिन के बाद एक दिन रमेश उसे अचानक मिला, तभी रमेश  ने अभय से कहा आयुध निर्माणि  राजगीर का मुख्य परीक्षा का परिणाम आ गया हैं, क्या तुमने टेलीफोन  करके पूछा हैं ? तभी अभय को अचानक याद आया की आयुध निर्माणि  राजगीर का मुख्य परीक्षा का परिणाम आनेवाला  था I उसने न में जबाव दिया I तब रमेश ने अभय से कहा फोन करके परिणाम मालूम कर लेना I इसके जबाव मे अभय ने कहा तुमने फोन करके अपना परिणाम मालूम नहीं किया I तुम्हारा तो मुख्य  परीक्षा  बहुत अच्छा गया था I रमेश ने कहा हमने तो फोन किया था लेकिन मेरा परिणाम नहीं हुआ I फिर  अभय ने कहा, तो मेरा परिणाम के बारे में नहीं पूछा I रमेश ने ना में सिर हिला दिया और चुपचाप अभय से दूर बाज़ार चला गया I 

			अभय अपने रूम में आकर  यह सोचने लगा कि जब रमेश का मुख्य परीक्षा इतना अच्छा गया था तो परिणाम नहीं हुआ तो मेरा परिणाम कैसे हो सकता हैं I फिर भी अभय ने अपना रोल नंबर खोजा और इस उम्मीद के साथ कि हो सकता हैं कि परिणाम में मेरा नाम हो I अभय टेलीफोन बूथ पर जा पहुंचा I

			अभय ने आयुध निर्माणि  राजगीर का कार्यालय में टेलीफोन नंबर लगाया और पूछा कि मुख्य परीक्षा का परिणाम आ गया है I उधर से आवाज आया कि हाँ , आ गया हैं I अभय ने जल्दी से अपना रोल नंबर बताया और कुछ देर में उधर से आवाज आया कि तुम्हारा नाम अभय है I अभय ने हाँ कर दी तो उसने कहा कि तुम्हारा परिणाम हो गया हैं I लेकिन एक छात्र बीते कल फोन किया था जो इस रोल नंबर के बारे में पूछा था I उसको हम परिणाम के साथ नाम भी बताया था I क्या वह छात्र तुम्हें परिणाम के बारे मे नहीं बताया ? अचानक हमारे दिमाग मे रमेश कि बात याद आ गयी I हमने कहा हाँ  हम एक दोस्त को अपना रोल नंबर दिये थे लेकिन उसने हमे परिणाम के बारे मे कुछ नहीं बताया I उधर से यह कहते हुए फोन रख दिया कि तुम्हारा दोस्त कैसा है ?

			अभय ने  खुशी खुशी अपना रूम आ गया क्योंकि मुख्य परीक्षा का परिणाम 55 छात्र को दिया गया था I और आयुध निर्माणि  राजगीर का अवर श्रेणी लिपिक का विज्ञापन  भी 55 का ही था I इस प्रकार अभय को सरकारी नौकरी प्राप्त हो गया था जिसमे उसे उम्मीद बिल्कुल नहीं था I इसे कहते है नाउम्मीद से उम्मीद I 

	लेखक: नागमणि  कुमार सिंह 

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