Anuj berwal 30 Mar 2023 कविताएँ प्यार-महोब्बत Anuj 11 48104 0 Hindi :: हिंदी
आज मेरे अपने मेरे खिलाफ खड़े है। पर, मेरे दादाजी के संस्कार मेरे साथ खड़े है। आज जब मै पिछे मुड़कर देखता हूँ तो बचपन के वो हसिन दिन दादा के साथ ताजा हो जाते है आज भलेही मेरी किस्मत मेरे साथ नहीं है पर मेरे दादाजी का आर्शिवाद हमेशा मेरे साथ है * Miss You Dada Ji * ANIIJ BERWAL कलम का नया दौर 19-5-2022