Karuna bharti 30 Mar 2023 कविताएँ धार्मिक Google 45428 0 Hindi :: हिंदी
हर बरी -सी- बरी गलतियाँ माफ करते हो हमसे हँसकर अपनी सारी गम छुपा लेते हो कहती हूँ तो महगी वाली खिलौना भी उधार ला देते हो क्यू मम्मी- पापा आप इतना हमे प्यार करते हो इक बार डाटकर भी ना ईनकार करते हो क्यू हमारी जमी पे आसमा तक पहुँचाने का पड लगाते हो क्यू अपना ना ख़्याल करके मेरा तू ख़्याल करते हो क्यू मम्मी- पापा आप ईतने हमे प्यार करते हो