Join Us:
दिशा-लाइव ग्रुप ने लॉन्च किया नया ब्रांड BizPry - लोकल से ग्लोबल तक 20 मई स्पेशल -इंटरनेट पर कविता कहानी और लेख लिखकर पैसे कमाएं - आपके लिए सबसे बढ़िया मौका साहित्य लाइव की वेबसाइट हुई और अधिक बेहतरीन और एडवांस साहित्य लाइव पर किसी भी तकनीकी सहयोग या अन्य समस्याओं के लिए सम्पर्क करें
This post is rejected. For more information contact to the support team.

अपनों का प्यार (बेटियां)

प्रवीण कुमार 09 Oct 2025 कविताएँ समाजिक 7847 0 Hindi :: हिंदी

हर दिल से,
खुदा मांगता हूं।
चिरागों से 
अपनों के पाने की,
दुआ मांगता हूं।
हर दिल से,
खुदा मांगता हूं।
करने की जिसने ख्वाहिश थी,
मेरे घर के आंचल को 
          रोशन -ए ख्वाब।।
ज़माने के गुरूर से,
कुदरत के नूर से,
उस लम्हें को मांगता हूं।

Comments & Reviews

Post a comment

Login to post a comment!

Related Articles

शक्ति जब मिले इच्छाओं की, जो चाहें सो प्राप्त कर लें। आवश्यकताएं अनन्त को भी, एक हद तक प्राप्त कर लें। शक्ति जब मिले इच्छाओं की, असम्भ� read more >>
शक्ति जब मिले इच्छाओं की, जो चाहें सो हांसिल कर कर लें। आवश्यकताएं अनन्त को भी, एक हद तक प्राप्त कर लें। शक्ति जब मिले इच्छाओं की, आसमा read more >>
इच्छा शक्ति 🥀🥀 शक्ति जब मिले इच्छाओं की, जो चाहें सो हांसिल कर कर लें। आवश्यकताएं अनन्त को भी, एक हद तक प्राप्त कर लें। शक्ति जब मिल� read more >>
Join Us: