संदीप कुमार सिंह 09 Jul 2024 कविताएँ समाजिक मेरी यह कविता समाज हित में है, जिसे बढ़कर आपलोग अवश्य लाभान्वित होंगे. 43909 0 Hindi :: हिंदी
अपना बना के तो देखो। दिल दे के तो देखो। नजरें मिला के तो देखो। मेरी सूरत तेरे आईना में, नज़र आएगी। अपना बना के तो देखो। सपना सजा के तो देखो। उम्मीदें जगा के तो देखो। थोड़ा इंतज़ार कर के तो देखो। जिंदगी बहुत ही खूबसूरत, नज़र आएगी। (स्वरचित मौलिक) संदीप कुमार सिंह✍️
I am a writer and social worker.Poems are most likeble for me....