अंजली कुमारी 22 May 2024 कविताएँ देश-प्रेम आजादी 30091 0 Hindi :: हिंदी
भारत को जब मिली आजादी तिरंगे को सबने दिए सलामी, अंग्रेजों के करते थे हम गुलामी महापुरुष थे आजादी के दीवाने। भारत थे जब अंग्रेजों के गुलाम देशभक्त उनके अत्याचारों को सहकर भी गाते थे भारत की गुणगान, कभी किसी का हाथ वह काटा तो कभी किसी का गला, फिर भी गूंजता रहा 'जय हिंद' का नारा। हे! भारत के वीर सपूतों दुश्मनों को मार गिराओ तुम, लिपट तिरंगे में आने वाले वीरों की एक-एक लहु का बदला चुकाओ तुम। भगत सिंह, बापू और नेहरू जैसे महापुरुषों ने चलाएं कई आंदोलन, कई जेल गए और कई लटके हंसते -हंसते फांसी के फंदे, कई वीरों ने दे दी अपनी कुर्बानी उन्होंने बताई हमें अपनी जुबानी। भारत मां के खून है रग-रग में भारत की ध्वजा फहराएंगे, इनके स्वर्णभूमि में पले बढ़े हम इनके ही गान गाएंगे।।