Chanchal chauhan 26 Jul 2026 कविताएँ बाल-साहित्य बचपन की यादें होती है सुहानी 4493 0 Hindi :: हिंदी
ना लौट के आये वे बचपन के दिन, कितना खुश रहते हम, ना कोई चिंता, मस्ती में रहते थे हम, नानी दादी की कहानी, खेल खिलौने में खोये रहते थे हम, करते थे छुट्टी में मस्ती, पूरा दिन खेलते थे हम, खाते थे चूरन खट्टी मीठी, एक एक को टॉफी बांटते थे हम, ना थे गम के मेले, खिलखिलाते थे हम, ना था झूठ छल कपट, दोस्ती दिल से निभाते थे सब, बचपन होता है प्यारा, बड़े होकर समझ पाये है हम।
Mera sapna tha apne bicharo ko logo tak phunchana unko jiwn ki sikh ,prerna dena unmai insaniyat jag...