संदीप कुमार सिंह 29 Jun 2026 कविताएँ प्यार-महोब्बत मेरी यह कविता (बरसात की एक रात)प्यार-मोहब्बत वाली कविता है. बरसात की रात कैसे प्रेमी-प्रेमिका को प्यार करने के लिए कैसे बाध्य कर देती है उसी का जिक्र किया गया है. 3021 0 Hindi :: हिंदी
बरसात की एक रात मेरे दिल में अंकित है, और शायद जीवन भर भी अंकित ही रहे। अमावस्या की काली रात और खूब बारिश, आधी रात से भी ज्यादा का वक्त रहा होगा। अकेले करवट बदलते हुए हम, और सामने झमाझम बारिश। तभी एक फोन कॉल का आना, और मेरे दिल को झकझोड़ जाना। संक्षिप्त सा परिचय के बाद, प्यार भरी बातों का सिलसिला। आनन्द और ज्ञान की बारिश होने लगी, रात के वक्त का तीन घंटा यूं ही गुजर गया। पुरानी यादों का दौड़ फोन कॉल पर चल रहा था, और नींद भी कहीं एकान्त से हमारी बातें सुन रही थी। बात खत्म होते ही, निद्रा देवी ने हमें अपने आगोश में ले ली। लेकिन यह क्या सुबह नींद टूटते ही, रात की बातें दृश्य सहित सामने थी। मन में बड़ी हलचल सी हो रही थी, आनन_फानन में ही दैनिक क्रिया से तैयार हुए। और ठीक तैयार होने के बाद, फिर वही रात वाली फोन कॉल आ गई। और सारी हलचल शांत हो गई, फिर शब्दों के जादू से एक_दूजे के दिल में उतरते गए। (स्वरचित मौलिक) संदीप कुमार सिंह*Author*
I am a writer and social worker.Poems are most likeble for me....