रघुवीर सिंह पंवार 19 Jul 2024 कविताएँ बाल-साहित्य दादी की दादागिरी, सबसे प्यारी है , बच्चों की भीड़ में, वो सबसे न्यारी। दादी की कहानियाँ, मजेदार और लंबी, उनकी गोदी में बैठ, सुनते हम सभी। 57369 0 Hindi :: हिंदी
दादी की दादागिरी, सबसे प्यारी है , बच्चों की भीड़ में, वो सबसे न्यारी। दादी की कहानियाँ, मजेदार और लंबी, उनकी गोदी में बैठ, सुनते हम सभी। दादी का चश्मा हमेशा उनके सिर पर रहता है, , दादी की मुस्कान में प्यार का खजाना छिपा है। दादी द्वारा बनाई रसोई में, स्वाद का मेला,है उनके हाथ का खाना खाने को मन ललचाता है दादी के शब्द सच्ची बातें जीवन का आधार हैं, उनके अनुभव से मिलता, सच्चा उपहार है , दादी की दादागिरी, कभी होती नहीं है बुरी, उनकी हर बात में होती, ममता की झलक। दादी के आशीर्वाद से, जीवन होता है सरल, उनकी दादागिरी में छुपा, प्यार का हर पल। दादी की दादागिरी, सबसे प्यारी, बच्चों की भीड़ में, वो सबसे न्यारी।