Abhishek kumar 21 Aug 2026 कविताएँ प्यार-महोब्बत दिल को छू जानेवाली कविताओ का संग्रह 3138 0 Hindi :: हिंदी
मेरे दिल का क्या कुसूर।
गर घायल है ये तेरी तिरछी नजरो से।
पागल हुआ है ,तेरा हुस्न देखके।
फरिश्ते भी तेरे कदम चुमते है,
तुझमे दिखता उन्हे है शायद
खुदा का नूर
मेरे दिल का क्या कुसूर।
हू मुसाफिर तेरे राह ए दिल का।
जरा खैर तो ले मेरे हाल दिल का।
ये सितम तो ना कर मुझपे ऐ बेदर्द
आखिर इतना भी क्या गुरूर।
मेरे दिल का क्या कुसूर।
कहती है की मरती हू तुम पे।
जा जां फना करती हू तुमपे।
इश्क़ कोई खेल नही मोहतरमा
हुस्नवाले क्या जाने दिल वालो का दस्तूर।
मेरे दिल का क्या कुसूर।
समां का जलना तो एक बहाना है।
इश्क़ मे जलता तो बस परवाना है।
अब इस नादां को कोई समझाए कैसे
की रह हुस्नवालो से दूर।
मेरे दिल का क्या कुसूर।
जी करता है नज्म कोई गाऊ।
पर तू तो गजल है,तुझे क्या सुनाऊ।
ये वादिया,ये फिजा और ताल,यू ही नही हसीं
इनमे तू समाई है जरूर।
मेरे दिल का क्या कुसूर।