संदीप कुमार सिंह 13 Aug 2023 कविताएँ धार्मिक मेरी यह कविता समाज हित में है। जिसे पढ़कर पाठक गण काफी लाभान्वित होंगें। 22372 0 Hindi :: हिंदी
(दोहा छंद) दुआ करो भगवान से,पुष्ट रहे नित प्राण। जीवन नित अच्छा चले,अदभुत बने प्रमाण।। दुआ करो भगवान से,सुन्दर हो संसार। सबके ही परिवार में,बरसे पावन प्यार।। दुआ करो भगवान से,बने सबल निज देश। नाम करे यह विश्व में,जैसे थे अवधेश।। दुआ करो भगवान से,सपना सब हो पूर्ण। सब साधन हो पास में,बना रहूं आघूर्ण।। दुआ करो भगवान से,कायम रहे बहार। चमके दमके जग सदा,सुन्दर रहे विचार।। (स्वरचित मौलिक) संदीप कुमार सिंह✍️ जिला:_समस्तीपुर(देवड़ा)बिहार
I am a writer and social worker.Poems are most likeble for me....