Join Us:
20 मई स्पेशल -इंटरनेट पर कविता कहानी और लेख लिखकर पैसे कमाएं - आपके लिए सबसे बढ़िया मौका साहित्य लाइव की वेबसाइट हुई और अधिक बेहतरीन और एडवांस साहित्य लाइव पर किसी भी तकनीकी सहयोग या अन्य समस्याओं के लिए सम्पर्क करें

एक आश - हे ईश्वर मेरी एक पूरी आश कर दे तू

Ekta Tiwari 30 Mar 2023 कविताएँ समाजिक हे ईश्वर मेरी एक पूरी आश कर दे तू। 47499 0 Hindi :: हिंदी

हे ईश्वर मेरी एक पूरी आश कर दे तू।
या तो सुधार दे दुनिया को या फिर सर्वनाश कर दे तू।
ये दुनिया आए दिन घनघोर अपराध करती है।
मुसीबत पड़ जाए तो फिर तुमको याद करती है।
यहां के लोगों में अहंकार होता है।
तेरी प्रत्येक रचना का यहां तिरष्कार होता है।
ये नादान दुनिया कुछ न अब समझती है।
कभी भी घोषणा विश्वयुद्ध की यह कर सकती है।
यहां लोगों में दया धर्म नहीं होता है।
यहां लोगो के लिए पैसा ही सब होता है।
मगर इक बात समझ ले तू ए दुनिया यहां हर किसी को किसी ना किसी दिन जाना है।
अन्तिम मंजिल तुम्हारी शमशान ही ठिकाना है।
आओ प्रकृति को सुरक्षित रखने का वादा कर ले हम।
बुराइयां छोड़कर अपना जीवन सीधा सादा कर ले हम।
एकता तिवारी

Comments & Reviews

Post a comment

Login to post a comment!

Related Articles

शक्ति जब मिले इच्छाओं की, जो चाहें सो हांसिल कर कर लें। आवश्यकताएं अनन्त को भी, एक हद तक प्राप्त कर लें। शक्ति जब मिले इच्छाओं की, आसमा read more >>
Join Us: