संदीप कुमार सिंह 01 Jul 2023 कविताएँ समाजिक मेरी यह कविता समाज हित में है। जिसे पढ़कर पाठक गण काफी लाभान्वित होंगें। 20196 0 Hindi :: हिंदी
(मुक्तक छंद) घर सभी के नव खुशी, नित मान लाती बेटियां। इस धरा को गुल भरे, रंगों सजाती बेटियां। फूल सी खुशियां लगे, सब को सदा ही नन्दिनी_ रीत सब ही मन खुशी, से है निभाती बेटियां। (स्वरचित मौलिक) संदीप कुमार सिंह✍🏼 जिला:_समस्तीपुर(देवड़ा)बिहार
I am a writer and social worker.Poems are most likeble for me....