Tarun 04 Dec 2024 कविताएँ समाजिक #motivational #motivation 49152 0 Hindi :: हिंदी
गिरे हैं तो क्या है संभल जाएंगे.....
हौंसले पस्त नही हमारे .......
मालूम है जंग का हुनर हमें लौटकर फिर आएंगे .......
लोग जो गा रहे हैं कहानी हार की मेरी ,
वादा है कि वही मेरी जीत का जयगान गायेंगे ,
गिरे हैं तो क्या है संभल जाएंगे .......
मेरी हार में टूट गए हैं अस्त्र ये मेरे , शस्त्र ये मेरे ......
मेरे कुछ अपने हैं मेरी हार से व्यथित ,
और साथ में रो रहे हैं मित्र ये मेरे .........
रखी है आशा कि एक दिन ये मुस्कुरायेंगे ,
गिरे हैं तो क्या हैं संभल जाएंगे .........
ये जो परिणाम है बुरा वक्त है मेरा ,मेरी नियती नही ,
क्यों करूं उदास मन को ,
यह अंश है जीवन का , जीवन नही ,
दौर देखे हैं कई बुरे से बुरे , इस बुरे दौर भी गुजर जाएंगे ......
गिरे हैं तो क्या है संभल जाएंगे .......
गिरे हैं तो क्या है संभल जाएंगे .......
@tarunsaraswat