Rahul Singh 30 Mar 2023 कविताएँ देश-प्रेम Rok shayar 45952 0 Hindi :: हिंदी
जो राग था वो बेदाग हो गया
पुलवामा में शहीद मेरा लाल हो गया
दो पल के लिए बात हुई थी
फिर मेरा लाल देश के लिए कुर्बान हो गया
जो वादा उसने किया था मुझसे कि आऊंगा मां
वो वादा उसने निभाया आया तिरंगे में लिपटा
फिर घर आंगन मेरा सुना हो गया
पुलवामा में शहीद मेरा लाल हो गया
आंखें सबकी नम हो गई
मेरा था जो अब देश का हो गया
मेरा लाल देश के लिए कुर्बान हो गया
Rok shayar....