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खुशियाँ भारत वर्ष में करते जय जय संत-अंतिम दिन वनवास का होगा रावण अंत

संदीप कुमार सिंह 25 Oct 2023 कविताएँ समाजिक मेरी यह कविता समाज हित में है। जिसे पढ़कर पाठक गण काफी लाभान्वित होंगें। 48429 0 Hindi :: हिंदी

#विधा:_कुंडलिया  छंद
#"सृजन समीक्षार्थ प्रस्तुत" 
खुशियाँ भारत वर्ष में,करते जय_जय संत।
अंतिम दिन वनवास का,होगा रावण अंत।।
होगा रावण अंत,देव सारे हो गर्वित।
करे पुष्प की वृष्टि,हुए पापी से निर्वित।।
कहते कवि संदीप,खिले जन_गण सम कलियाँ।
 जीता फिर अब सत्य,धर्म की यह है खुशियाँ।। 
(स्वरचित मौलिक)
संदीप कुमार सिंह✍️
जिला:_समस्तीपुर(देवड़ा)बिहार

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