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लीपा पोती चल रही-माता के जो भक्त चमक रहे घर द्वार अब

संदीप कुमार सिंह 13 Oct 2023 कविताएँ समाजिक मेरी यह कविता समाज हित में है। जिसे पढ़कर पाठक गण काफी लाभान्वित होंगें। 27646 3 5 Hindi :: हिंदी

#विधा:_दोहा छंद
#"सृजन समीक्षार्थ प्रस्तुत" 
लीपा_पोती चल रही,माता के जो भक्त।
चमक रहे घर द्वार अब,बना रहूं हम सख्त।।

लीपा_पोती चल रही,दुर्गा पूजा खास।
माता के स्वागत लिए,पूर्ण करे जो आस।।

लीपा पोती चल रही,घर घर में उत्साह।
सुरभित आँगन अब दिखे,भटके कभी न राह।।

लीपा पोती चल रही,आस्था का है पर्व।
भक्त सभी विश्वास कर,करते माँ पर गर्व।।

लीपा_पोती चल रही,आया घर घर हर्ष।
आने वाली मातु है,करती जो उत्कर्ष।।
(स्वरचित मौलिक)
संदीप कुमार सिंह✍️
जिला:_समस्तीपुर(देवड़ा)बिहार

Comments & Reviews

Addy Rathore
Addy Rathore Wonderful rachna,naman hai apko 🙏💫

2 years ago

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Addy Rathore
Addy Rathore gajab 💫

2 years ago

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Addy Rathore
Addy Rathore Àti sundar srijan 🙏💫

2 years ago

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