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लोगों में भगवान हैं-दिखते सब में राम

संदीप कुमार सिंह 06 Jul 2023 कविताएँ समाजिक मेरी यह कविता समाज हित में है। जिसे पढ़कर पाठक गण काफी लाभान्वित होंगें। 22559 0 Hindi :: हिंदी

(दोहा छंद) 
यश अर्जित करना सदा, मेरा पहला काम।
लोगों में भगवान हैं,दिखते सब में राम।।
(स्वरचित मौलिक)
संदीप कुमार सिंह✍🏼
जिला:_समस्तीपुर(देवड़ा)बिहार

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