संदीप कुमार सिंह 30 Aug 2023 कविताएँ समाजिक मेरी यह कविता समाज हित में है।जिसे पढ़कर पाठक गण काफी लाभान्वित होंगें। 28001 0 Hindi :: हिंदी
महिमा मंडित हो रहे,सकल विश्व में आज। चंद्रयान यह तीन से,सुरभित है सब काज।। महिमा मंडित हो रहे,भारत में विज्ञान। लोगों को सब सुख मिला,सफल हुआ अभियान।। महिमा मंडित हो रहे,इसरो का नव कार्य। खुशियाँ है संसार में,भारतीय हम आर्य।। महिमा मंडित हो रहे,अभी आधुनिक दौड़। आज दूरियाँ कम हुई,समय हुआ बेजोड़।। महिमा मंडित हो रहे,सज्जन जो हैं लोग। जो जन करे कठोर श्रम,पाते हैं सब भोग।। (स्वरचित मौलिक) संदीप कुमार सिंह✍️ जिला:_समस्तीपुर(देवड़ा)बिहार
I am a writer and social worker.Poems are most likeble for me....