संदीप कुमार सिंह 27 Jun 2026 कविताएँ प्यार-महोब्बत मेरी यह चार पंक्ति की मुक्तक कविता प्यार- मोहब्बत पर आधारित है. आप सभी अवश्य पढें आप को काफी आनंद आएगा. 2934 0 Hindi :: हिंदी
मेहबूब सनम तेरी कसम दीदार हुआ है जब से। मेरी नींद गई मेरा चैन गया प्यार हुआ तब से। सीने में छुपा के रखा हूं तुझको तो मैं ओ यारा_ बेचैन किया जब दिल ने मुझे तुझे मांग लिया रब से।। (स्वरचित मौलिक) संदीप कुमार सिंह*Author*
I am a writer and social worker.Poems are most likeble for me....