Join Us:
20 मई स्पेशल -इंटरनेट पर कविता कहानी और लेख लिखकर पैसे कमाएं - आपके लिए सबसे बढ़िया मौका साहित्य लाइव की वेबसाइट हुई और अधिक बेहतरीन और एडवांस साहित्य लाइव पर किसी भी तकनीकी सहयोग या अन्य समस्याओं के लिए सम्पर्क करें

सपनो का भारत

Sanju nirmohi 30 Mar 2023 कविताएँ समाजिक sapno ka bharat, sanjunirmohi, independenceday, india, poem, poetry 82200 1 5 Hindi :: हिंदी

महापुरुषों के सपनों का भारत तुम सब मिलकर साकार करो, 
चारों दिशाएं एक हो जिसकी वो भारत तैयार करो। 

हिंदू मुस्लिम सिख इसाई सभी लोग बिखरे हैं यहां, 
भारत ही हो धर्म सबका ऐसा मजहब तैयार करो। 

खुद का स्वार्थ छोड़कर बनो सार्थी राष्ट्र के,
भारत की प्रगति में जुड़ने का आगाज करो। 

स्वतंत्र भारत के बाद भी मानसिक गुलामी बाकी है,
भविष्य हो तुम भारत के अब सोच को आजाद करो।

बहुत हुआ है खून-खराबा बहुत लड़ाइयां लड़ ली हमने, 
जाति-धर्म के नाम पर अब तो लड़ना बंद करो।

दुख हो कोई या कोई आपदा अपने ही साथ आएंगे,
इन नेताओं के चक्कर में अपनों से भिड़ना बंद करो।

महापुरुषों के विचारों को अपनाओ अपने जीवन में, 
भारत के इन रत्नों को आपस में बांटना बंद करो। 

देकर अपनी जान जिन्होंने भारत देश आजाद कराया, 
उन वीरों की कुर्बानियों को दिल से अपने याद करो। 

स्वतंत्रता का पर्व है राष्ट्र को जिस पर गर्व है,
अपने सुर में सुर मिलाओ स्वतंत्र राष्ट्र का गान करो।

आन - बान और शान से लहराता है जो,
मिलकर आज उस तिरंगे को सलाम करो।
                                     - संजू निर्मोही

Comments & Reviews

संदीप कुमार सिंह
संदीप कुमार सिंह बहुत खूब, लाजवाब।

11 months ago

LikeReply

Post a comment

Login to post a comment!

Related Articles

शक्ति जब मिले इच्छाओं की, जो चाहें सो हांसिल कर कर लें। आवश्यकताएं अनन्त को भी, एक हद तक प्राप्त कर लें। शक्ति जब मिले इच्छाओं की, आसमा read more >>
Join Us: