Join Us:
दिशा-लाइव ग्रुप ने लॉन्च किया नया ब्रांड BizPry - लोकल से ग्लोबल तक 20 मई स्पेशल -इंटरनेट पर कविता कहानी और लेख लिखकर पैसे कमाएं - आपके लिए सबसे बढ़िया मौका साहित्य लाइव की वेबसाइट हुई और अधिक बेहतरीन और एडवांस साहित्य लाइव पर किसी भी तकनीकी सहयोग या अन्य समस्याओं के लिए सम्पर्क करें

मिले न ज्यादा भाग्य से-इसका रखें विचार

संदीप कुमार सिंह 29 Jul 2023 कविताएँ समाजिक मेरी यह कविता समाज हित में है। जिसे पढ़कर पाठक गण काफी लाभान्वित होंगें। 21576 0 Hindi :: हिंदी

(दोहा छंद)
मिले न ज्यादा भाग्य से,इसका रखें विचार।
आगे जो है भाग्य से,ऐसा यह संसार।।

मिले न ज्यादा भाग्य से,सबका यहां नसीब।
जिसकी जैसी पात्रता,वैसी ही तरकीब।।

मिले न ज्यादा भाग्य से,उचित मिले जब वक्त।
सुख दुख में सम रस रहें,गर्म रहे तब रक्त।।

मिले न ज्यादा भाग्य से,सदा रखें संज्ञान।
सोच समझ कर जो चले,उनको मिले निदान।।

मिले न ज्यादा भाग्य से,यहां यही दस्तूर।
सदा लुभाए आप को,और करे मजबूर।।
(स्वरचित मौलिक)
संदीप कुमार सिंह✍️
जिला:_समस्तीपुर(देवड़ा)बिहार

Comments & Reviews

Post a comment

Login to post a comment!

Related Articles

शक्ति जब मिले इच्छाओं की, जो चाहें सो प्राप्त कर लें। आवश्यकताएं अनन्त को भी, एक हद तक प्राप्त कर लें। शक्ति जब मिले इच्छाओं की, असम्भ� read more >>
शक्ति जब मिले इच्छाओं की, जो चाहें सो हांसिल कर कर लें। आवश्यकताएं अनन्त को भी, एक हद तक प्राप्त कर लें। शक्ति जब मिले इच्छाओं की, आसमा read more >>
इच्छा शक्ति 🥀🥀 शक्ति जब मिले इच्छाओं की, जो चाहें सो हांसिल कर कर लें। आवश्यकताएं अनन्त को भी, एक हद तक प्राप्त कर लें। शक्ति जब मिल� read more >>
Join Us: