संदीप कुमार सिंह 23 Jun 2023 कविताएँ प्यार-महोब्बत मेरी यह कविता समाज हित में है। जिसे पढ़कर पाठक गण काफी लाभान्वित होंगें। 34987 1 5 Hindi :: हिंदी
(दोहा छंद) मुझको तुमसे प्यार है,तुम हो दिव्य सवाल। तुम ही मेरी हो जहां,करती दूर बवाल।। चिन्तन तेरी मैं करूं,तेरा बनूं जवाब। तेरी हर उम्मीद हूं,मेरी तुम हो आब।। (स्वरचित मौलिक) संदीप कुमार सिंह✍🏼 जिला:_समस्तीपुर(देवड़ा)बिहार
3 years ago
I am a writer and social worker.Poems are most likeble for me....