Rakesh pathak kathara 27 May 2024 कविताएँ समाजिक 23325 0 Hindi :: हिंदी
नारी के सब रूप को,वंदन बारंबार जो करती सद्कर्म से, दोनों कुल उंजियार दोनों कुल उंजियार,सती श्री वीणा पाणी ममता करुणा मूर्ति, जगत की है कल्याणी कह पाठक कवि राय, आरती करें तुमहारी हरण करो अज्ञान,बचाओ जग को नारी