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निर्णय का पल आज-अंतिम दिन वनवास का

संदीप कुमार सिंह 25 Oct 2023 कविताएँ समाजिक मेरी यह कविता समाज हित में है। जिसे पढ़कर पाठक गण काफी लाभान्वित होंगें। 28624 0 Hindi :: हिंदी

#विधा:_मुक्तक छंद
#"सृजन समीक्षार्थ प्रस्तुत"
अंतिम दिन वनवास का,निर्णय का पल आज।
घमासान यह युद्ध है,किसकी बचती लाज।
जीता सत्य असत्य पर,मानवता की जीत_
सबके मुख पर राम है,भारत के सरताज।
(स्वरचित मौलिक)
संदीप कुमार सिंह✍️
जिला:_समस्तीपुर(देवड़ा)बिहार

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