संदीप कुमार सिंह 30 Jun 2023 कविताएँ समाजिक मेरी यह कविता समाज हित में है। जिसे पढ़कर पाठक गण काफी लाभान्वित होंगें। 20182 0 Hindi :: हिंदी
दोहा छंद रखें बचाए जो सदा,धनबल आत्म सम्मान। रहे शत्रु पर राज तब,चूमें कदम जहान।। (स्वरचित मौलिक) संदीप कुमार सिंह✍️ जिला:_समस्तीपुर(देवड़ा)बिहार
I am a writer and social worker.Poems are most likeble for me....