Manisha Singh 30 Mar 2023 कविताएँ धार्मिक Hindi, poetry, #Bhakti, status, kavita, #hindiwriting 54329 0 Hindi :: हिंदी
तू है पर अब ढूँढ़ता नहीं मैं तुझे, मुझे पता है मेरे कदमो की तनिक भी आहट हुई तो भाग जायेगा तू फिर मुझसे दूर न जाने कौंन सी बात पर मेरी यूँ मुँह फुलाए बैठा है माना अज्ञानी मैं, बिसरा बैठा था तुझे क्षण भर को पर क्षमा माँगता अब मैं तुझसे, करूँ प्रायश्चित सच्चे मन से फिर मिल ही जायेगा तू मुझे है मुझे मेरी भक्ति की शक्ति का विश्वास के, पीछा तेरा करते करते, फंस जाऊंगा एक दिन जब मैं, चक्रव्यूह में इस मायावी संसार के निकालेगा जो बाहर मुझे, मुझे पता है ! वो हाथ तेरा ही होगा, इसीलिए हे- ईश्वर ! अब ढूँढ़ता नहीं मैं तुझे | |
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